" हिंदी कविता, ग़ज़ल, कहानी, का संगम। शब्दों के माध्यम से प्रेम, भावनाओं और कल्पनाओं की दुनिया में आपका स्वागत है।"
Shayri-15
ख़ता ऐसा करूँ इश्क़ में, की मेरे जाने के बाद
सज़दे में, वो रोज नदामत करे ..
सज़दे में, वो रोज नदामत करे ..
नदामत=ग्लानि, पछतावा
Shayri-12
उलूल-जुलूल हरक़तें ,सब याद आई ख़ल्वत में।
कभी जीते थे बेपरवाह ज़िंदगी,अब जीते है उल्फ़त में।
कभी जीते थे बेपरवाह ज़िंदगी,अब जीते है उल्फ़त में।
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१५ साल हो गए आपको देखते हुए, २०११ विश्व कप के बाद दिल में एक अरमान या यूँ कह लीजिये की एक सपना है मेरा आपसे मिलने का। क्रिकेट की दीवानगी बह...